हिंदी संस्करण
अध्याय 14
रात के खाने भर मिस्टर बेनेट लगभग चुप ही रहे। पर नौकर बाहर चले गए, तो उन्हें लगा कि अब मेहमान से बात करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि मिस्टर कॉलिन्स को एक बड़ी अच्छी आश्रयदात्री मिली लगती हैं। यह मिस्टर कॉलिन्स के लिए ख़ूब चमकने लायक़ विषय था। उन्होंने बताया कि लेडी कैथरीन डी बर्ग उनकी हर इच्छा बड़े ध्यान से सुनती हैं, और उनकी सुविधा का भी बहुत ग़ौर से ख़याल रखती हैं। मिस्टर बेनेट को इससे बेहतर विषय मिल ही नहीं सकता था। मिस्टर कॉलिन्स बिना रुके उनकी तारीफ़ करते चले गए। इसी के साथ उनका ढंग हमेशा से कहीं ज़्यादा गंभीर हो गया। उन्होंने बड़े यक़ीन से, मानो कोई बहुत बड़ी बात कह रहे हों, यह दावा किया कि अपनी पूरी ज़िंदगी में उन्होंने किसी बड़े ओहदे वाले व्यक्ति को लेडी कैथरीन जैसा बर्ताव करते नहीं देखा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी नरमी और ऐसी उदार देखभाल भी उन्होंने पहली बार अपने ऊपर पाई थी। लेडी कैथरीन ने बड़ी ख़ुशी से उनके वे दो उपदेश सराहे थे, जो उन्हें ख़ुद उनके सामने देने का सौभाग्य मिला था। लेडी कैथरीन ने उन्हें रोज़िंग्स में दो बार खाने पर बुलाया था। पिछले ही शनिवार, शाम के क्वाड्रिल ताश-खेल में एक खिलाड़ी कम पड़ने पर, लेडी कैथरीन ने आदमी भेजकर मिस्टर कॉलिन्स को बुलवा लिया था। बहुत लोग लेडी कैथरीन को घमंडी मानते हैं, यह मिस्टर कॉलिन्स भी जानते थे। पर उन्होंने ख़ुद उनमें नरमी के सिवा कुछ नहीं देखा था। लेडी कैथरीन हमेशा उनसे वैसे ही बात करती थीं, जैसे किसी और सज्जन से करतीं। पड़ोसियों के साथ मेलजोल रखने से, या कभी-कभार रिश्तेदारों से मिलने एक-दो हफ़्ते के लिए पल्ली छोड़ने से, लेडी कैथरीन ने उन्हें कभी ज़रा भी नहीं रोका। सावधानी से जीवनसाथी चुनें तो जल्द से जल्द विवाह कर लेने की सलाह भी उन्होंने ख़ुद दी थी। एक बार वे उनके छोटे-से पादरी-निवास पर ख़ुद आई थीं। उन्होंने उनके किए हुए हर सुधार को पसंद किया था, और अपनी ओर से कुछ सुझाव भी दिए थे — जैसे ऊपर की अलमारी में कुछ शेल्फ़ लगाने की बात। 'यह सब बड़ी सही और भली बात है,' श्रीमती बेनेट बोलीं। 'ज़रूर बड़ी भली महिला होंगी वे। काश तमाम बड़े घरानों की महिलाएँ कुछ उन्हीं जैसी होतीं। आपका घर उनके पास ही है क्या?' 'मेरे छोटे-से घर का बाग़ीचा एक तंग गली भर के फ़ासले पर है, और उसके पार सीधे रोज़िंग्स पार्क लगता है, जहाँ लेडी कैथरीन रहती हैं।' 'लगता है, आपने बताया था कि वे विधवा हैं। कोई संतान है उनकी?' 'उनकी एक अकेली बेटी हैं। वही रोज़िंग्स और बाक़ी बड़ी संपत्ति की वारिस बनेंगी।' 'आह,' श्रीमती बेनेट सिर हिलाते हुए बोलीं। 'तो फिर वे तो आम लड़कियों से कहीं बेहतर हालत में होंगी। कैसी हैं वे? सुंदर हैं?' 'सचमुच बेहद दिलकश युवती हैं। लेडी कैथरीन ने ख़ुद मुझसे कहा था कि असली सुंदरता की बात करें, तो मिस डी बर्ग इस दुनिया की सबसे ख़ूबसूरत औरतों से भी कहीं ऊपर हैं। उनकी सूरत में ही कुछ ऐसा है, जो ऊँचे घराने का होना जता देता है। दुर्भाग्य से उनकी सेहत कमज़ोर रही, इसलिए वे कई हुनर सीखने लायक़ बड़ी नहीं हो पाईं, वरना कुछ भी उनके लिए नामुमकिन न होता — यह मुझे उस महिला ने बताया, जिन्होंने उनकी पढ़ाई-लिखाई संभाली थी और अब भी उनके साथ रहती हैं। पर उनका स्वभाव बेहद मीठा है। छोटी-सी चार-पहिया गाड़ी में टट्टू जोतकर, वे अक्सर मेरे छोटे-से घर के आगे से गुज़रने की कृपा करती हैं।'
'क्या उन्हें बाक़ायदा समाज में पेश किया गया है? दरबार में आई महिलाओं के बीच तो मुझे उनका नाम याद नहीं आता।' 'दुर्भाग्य से सेहत ठीक न होने के कारण वे लंदन नहीं जा सकतीं। इसलिए मैंने ख़ुद एक बार लेडी कैथरीन से कहा था कि इंग्लैंड के दरबार ने अपना सबसे चमकीला गहना खो दिया। लगा जैसे यह बात सुनकर वे ख़ुश हुईं। जब भी मौक़ा मिलता है, महिलाओं को हमेशा भाने वाली नाज़ुक-सी छोटी तारीफ़ें देना मुझे कितना सुख देता है, यह आप अंदाज़ा लगा सकती हैं। मैंने लेडी कैथरीन से कई बार कहा है कि उनकी दिलकश बेटी मानो डचेस बनने के लिए ही जन्मी हैं। सबसे ऊँचा ओहदा भी उन्हें कोई शान नहीं देगा, बल्कि उलटे उन्हीं की वजह से चमकेगा — यह भी मैंने कहा। ऐसी छोटी-छोटी बातें लेडी कैथरीन को ख़ुश कर देती हैं। और मैं मानता हूँ कि उनका ख़याल रखना मेरा ख़ास फ़र्ज़ है।' 'आपकी परख बिलकुल सही है,' मिस्टर बेनेट बोले। 'बड़ी नज़ाकत से चापलूसी करने का हुनर है, यह आपके लिए भी अच्छी बात है। ये सुहानी बातें तुरंत ही ख़ुद-ब-ख़ुद सूझ जाती हैं, या पहले से सोच-विचारकर निकालनी पड़ती हैं? पूछ सकता हूँ क्या?' 'ज़्यादातर तो उसी वक़्त की बात से अपने आप निकल आती हैं। कभी-कभी आम मौक़ों पर काम आने लायक़ छोटी-सी सुरुचिपूर्ण तारीफ़ सोच निकालता हूँ, और उसे सँवारने में मज़ा भी लेता हूँ। पर हमेशा यही कोशिश रहती है कि वह बिना तैयारी के कही गई-सी लगे।' मिस्टर बेनेट की उम्मीद पूरी तरह पूरी हो गई। उनका चचेरा भाई ठीक उतना ही हास्यास्पद निकला, जितना उन्होंने चाहा था। वे तीखे मज़े के साथ मिस्टर कॉलिन्स की बातें सुनते रहे। साथ ही अपने चेहरे पर बड़ी मज़बूती से कोई भाव न आने दिया। कभी-कभार एलिज़ाबेथ की तरफ़ देख लेने के सिवा, उन्हें अपना यह मज़ा किसी के साथ बाँटने की ज़रूरत भी महसूस नहीं हुई।
पर चाय के वक़्त तक इतना सुनना काफ़ी हो चुका था। मिस्टर बेनेट ख़ुशी-ख़ुशी मेहमान को फिर बैठक में ले आए। चाय ख़त्म होते ही उन्होंने बड़े प्रसन्न मन से महिलाओं को कोई किताब पढ़ सुनाने को कहा। मिस्टर कॉलिन्स ने फ़ौरन हामी भर दी, और एक किताब लाई गई। पर किताब देखते ही वे चौंककर पीछे हट गए, क्योंकि जिल्द देखते ही साफ़ पता चल गया कि यह किताब किराए की लाइब्रेरी से ली गई है। उन्होंने माफ़ी माँगी, और साफ़ कह दिया कि वे उपन्यास कभी नहीं पढ़ते। किटी उन्हें एकटक देखती रही। लिडिया चीख़ पड़ी। दूसरी किताबें लाई गईं। काफ़ी सोच-विचार के बाद उन्होंने 'फ़ोर्डाइस के उपदेश' चुनी। मिस्टर कॉलिन्स ने किताब खोली ही थी कि लिडिया जम्हाई लेने लगी। वे बड़े नीरस और गंभीर स्वर में तीन पन्ने भी नहीं पढ़ पाए थे कि लिडिया बीच में बोल पड़ी। 'माँ, आपको पता है, फ़िलिप्स मौसा रिचर्ड को नौकरी से निकालने की सोच रहे हैं? अगर सचमुच निकाल दिया, तो कर्नल फ़ॉर्स्टर उसे रख लेंगे। मौसी ने ख़ुद शनिवार को बताया था। कल मेरिटन तक पैदल जाकर और पता करूँगी, और यह भी पूछूँगी कि मिस्टर डेनी लंदन से कब लौट रहे हैं।' दोनों बड़ी बहनों ने लिडिया को चुप रहने को कहा। पर मिस्टर कॉलिन्स बहुत नाराज़ हो गए। उन्होंने किताब नीचे रख दी और बोले। 'जवान लड़कियाँ अपने ही भले के लिए लिखी गई गंभीर किताबों में कितनी कम दिलचस्पी लेती हैं, यह मैं अक्सर देखता आया हूँ। सच कहूँ तो हैरानी होती है। जबकि सीख से बढ़कर लड़कियों के लिए और कुछ फ़ायदेमंद हो ही नहीं सकता। ख़ैर, अपनी छोटी चचेरी बहन को अब और तंग नहीं करूँगा।'
फिर वे मिस्टर बेनेट की ओर मुड़े और उनके साथ बैकगैमन खेलने की पेशकश की। मिस्टर बेनेट ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि बेटियों को इस तरह की मामूली खेल-कूद में लगाए रखना बड़ी समझदारी की बात है। श्रीमती बेनेट और बेटियों ने लिडिया के बीच में बोलने की बहुत माफ़ी माँगी। वादा किया कि अगर वे फिर से किताब पढ़ें, तो ऐसा दोबारा नहीं होगा। पर मिस्टर कॉलिन्स ने कहा कि उन्हें अपनी छोटी चचेरी बहन से कोई नाराज़गी नहीं। उन्होंने दावे से कहा कि उस बात को अपमान मानकर कभी बुरा नहीं मानेंगे। इसके बाद वे दूसरी मेज़ पर मिस्टर बेनेट के साथ बैठ गए और बैकगैमन खेलने की तैयारी करने लगे।